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Tuesday, May 5, 2009

प्यार में

कभी तो कोई प्यार कर जाता,
शायद हम भी प्यासे है प्यार के,
न जाने कब वो लम्हा आएगा,
बैठे वक्त काट लेते इन्तजार के.

सब आते है हँसाते है, रुलाते है,
समझते है, समझाते है, मनाते है,
पर कोई ये समझने को तैयार नही,
शायद हम भी प्यासे है दीदार के.

कभी-कभी लगता है जैसे की,
उसके बिना दुनिया में कुछ भी नही,
क्या करें समझ नही आता,
क्यूँ समेटते है लम्हे इनकार के.

कभी-कभी लगता है जैसे की,
सब कुछ भूल जाऊं, क्या शुरू, क्या अंत,
फिर अचानक ख़याल आता है,
क्या बुराई है एक तरफा प्यार में.

सब जानते है कशिश है प्यार में,
मिलना, बिछड़ना , हसना, रोना,
पागलपन, बेखुदी , दर्द, मर्म सब कुछ,
पर क्या करें कम्बखत हम भी है प्यार में..

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