भूलना चाह पर भूल न पाये
अपनी यादों से उनको छोड़ न सकें,
सारे सपने टूटकर बिखर गए
जब हम उनको पा न सकें।
कैसे भूल सकता हूँ उन पलों को
सबसे अनमोल, सबसे हसीं,
सब उन यादों क सहारे रोते है, जीते है
जब वो हमारी ज़िन्दगी में आ न सके।
हर वक्त लगता है क्या कमी थी
क्या हमारा प्यार इतना कमजोर था,
टूट गया सिर्फ़ एक झोंके से
वो चले गए और हम बुला न सके।
न जाने किसकी नजर लगी हमें
सब कुछ बिखर गया एक पल में,
हर रात उनको तीन गीत सुनने थे
लेकिन विडंबना हम एक भी गा न सके।
हे इश्वर तू भी क्या- क्या दिखाता है
कभी मिलाता है तो कभी जुदाई देता है,
क्या हमने कोई गलती की थी?
जिसका कर्ज आज भी चुका न सके..
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