किसी ने ठीक कहा है कि -
" हर किसी को मुकम्मल जहाँ नही मिलता,
किसी को जमीं तो किसी को आसमां नही मिलता।"
लेकिन मेरी भी एक नसीयत लोगों को है कि -
" हर किसी को मुकम्मल जहाँ नही मिलता
किसी को जमीं तो किसी को आसमां नही मिलता,
ज़िन्दगी है तो दर्द को झेलना भी सिख लो
वरना सुख का सागर कहाँ नही मिलता."
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment