जब प्यार हुआ, इकरार हुआ
बात बढ़ी, जुदाई घटी, लम्हा कटा
उस वक्त- हम साथ साथ थे.
जब समय का चक्का चला
प्यार और बढ़ा, चरण सीमा तक
उस वक्त- हम साथ साथ थे।
जब वक्त आया उनकी कमी का
बेखुदी बढ़ी, दूरियां बढ़ी,
उस वक्त- हम साथ साथ न थे।
जब टूटने लगे, जान जाने लगी
लगता था क्या है उनके बिना
उस वक्तहम साथ साथ न थे।
जब वक्त आएगा, उनको जरुरत होगी
तड़प होगी प्यार होगा
उस वक्त- शायद हम न होंगे।
जब वक्त आएगा, वो अपने आप को
संसार में अकेला महसूस करेंगे
उस वक्त- शायद हम न होंगे..
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