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Sunday, April 26, 2009

रिश्वत की इस दुनियाँ में मौत न रिश्वत लेती है,
वह भी लेती रिश्वत अगर कफ़न की जेब होती है,
काटे जाते है इंसान भेड़- बकरी की तरह यहाँ,
घर में बैठी माँ-बहन अकुडाकर, भीगे लोचन रोती है.

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