इंतज़ार...
इंतज़ार...
पता नही कब
बेरंग आंखों में
समाई
इन तस्वीरों में
कम ही सही
पर रंग तो भर जाए
क्योंकि
इसी रंग ने कभी
मेरे जीवन को
बेरंग किया है,
पर जब
बेरंग हो रहा था
सुकून था
किसी की मौजूदगी का
शायद इसलिए
आज भी
उस रंग का मुझे है
इंतज़ार...
इंतज़ार...
इंतज़ार...
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment