BLOGGER TEMPLATES AND TWITTER BACKGROUNDS »

Tuesday, August 17, 2010

चुप्पी

परिंदों को मंजिल मिलेगी यकीनन
ये फैले हुए उनके पर बोलते है,
वही लोग रहते है खामोश अक्सर
ज़माने में जिनके हुनर बोलते है.

No comments:

Post a Comment